स्कूल जहां बच्चो को किताबी शिक्षा के साथ साथ समाज में रहन सहन, संस्कार, खेल कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ जोड़ा जाता है | वहीं सबसे प्रमुख पर आता है अनुशासन, किसी बच्चे के अंदर सबसे पहले अनुशासन का गुण होना अनिवार्य है | जिससे वह भविष्य में किसी भी परिस्तिथि में अपने पर काबू कर के समस्याओं के समाधान निकाल सके | एक अनुशासित बच्चे की पहचान सबसे पहले उसके शारीरिक वेशभूषा, चाल चलन से पता लग जाती है | ये ही गुण बच्चों के अंदर आ सके इसलिए स्कूल प्रशासन ने 120 बच्चो के नाइयों को बुलवाकर बाल कटवा दिए |

 

कहाँ और किसने काटे बच्चो के बाल ?

यह मामला सम्पूर्णानगर के मुरारखेड़ा स्थित ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिक स्कूल का है जहां स्कूल प्रशासन ने जिन बच्चों के बाल जरूरत से ज्यादा बड़े थे उनके बाल नाइयों को बुलवाकर कटवा दिए | जिन बच्चों के बाल कटवाये गए उनकी कुल संख्या 120 है | इस काम के लिए स्कूल प्रशासन ने विशेष रूप से नाइयों को स्कूल में बुलाया और बाल कटवा दिए | जिसके बाद बच्चों के अभिवावको ने इस बात का विरोध ज़ाहिर किया और स्कूल के खिलाफ मानहानि का केस कर दिया है |

 

क्यों किया अभिवावको ने केस ?

 

स्कूल के इस कारनामे के कारण कुछ अभिवावको ने रोष प्रकट किया | इन्ही 120 बच्चो की सूचि में नसीब सिंह के भांजे जगदीप सिंह के भी बाल काटे गए थे | जब जगदित सिंह स्कूल से घर पहुंचा तब उसने सारी बात घर पर बताई जिसके कारण नसीब सिंह स्कूल पहुंच गया और स्कूल प्रशासन से बिना बताये बाल कटवाने के लिए नराज़गी ज़ाहिर की तब स्कूल प्रशासन अपने गुस्से पर काबू नही कर पाया और नसीब से बतमीज़ी से पेश आने लगा | नसीब ने स्कूल के इस रवैये के चलते धार्मिक भावनाओ से छेड़छाड़ करने के जुर्म में तहरीर संपूर्णानगर थाने में शिकायत दर्ज की |

स्कूल प्रशासन ने दिया जवाब ?

सी बी एस ई बोर्ड से संचालित ऑक्सफ़ोर्ड पब्लिक स्कूल प्रशासन ने इसे बच्चो की साफ सफाई और अनुशासन का मामला बताकर उल्टा पेरेंट्स पर सवाल खड़े कर दिए है | प्रशासन के अनुसार केवल उन्ही बच्चो के बाल और नाख़ून काटे गए है जिनके बाल और नाख़ून बड़े थे | और जगदीप भी उन्ही बच्चों की श्रेणी में था | उसके बाल पहले भी कटे हुए थे जिन्हे सिर्फ छोटा करवाया गया है |

 

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