वालमार्ट ने बीते साल जब भारत की सबसेजज लोकप्रिय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को 16 अरब डॉलर में खरीदा था. तो उस समय अमेरिकी कंपनी ने डील के तहत डिजिटल पेमेंट करने वाली कंपनी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था. वहीं अब यह डिजिटल कोमप्न्य देश की नंबर 1 कंपनी बन कर उपहार रही है. तो चलिए जानते है कंपनी क्या सोचती है….

फोनपे एप्कीप की बढ़ी वैल्युएशन

हाल में ही जरी एक रिपोर्ट की माने तो फ़ोन पे एप्प द्वारा कमाई गयी धन राशी अभी तक के लिए सरप्राइज बेनिफिट माना जा रहा है. खबरों से मिली जानकारी के अनुसार फ्लिपकार्ट के बोर्ड ने हाल में फोनपे को एक नई एंटिटी बनने के लिए पेशकश की है. वहीं करीब 10 अरब डॉलर (68 हजार करोड़ रुपए) की वैल्युएशन पर कंपनी 1 अरब डॉलर जुटाने पर सोच विचार कर रही है. अब देखना यह दिलचस्प होगा की कंपनी कितनी जल्दी इस रकम को जुटा पाती है.

 वालमार्ट के लिए सरप्राइज गिफ्ट है, वो है – फोनपे

जैसा की हम सब जानते है इन दिनों फोनेपे का चला काफी बढ़ा है. डिजिटल दुनिया में या फिर यूं कहे डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए हम फोनेपय का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे है. बीते एक साल के दौरान कंपनी का वॉल्यूम और ट्रांजैक्शन वैल्यू लगभग 4 गुना हो गया है. इसी के साथ फोनेपे एप्प पेटीएम जैसी दमदार कंपनी को टक्कर दे रही है.

स्वतंत्र हो जाएगी कंपनी

माना यह जा रहा है कि अगर कंपनी फंडिंग जुटाने में कामयाब हो जाती है तो फोनेपे यूनिट अलग इन्वेस्टर बेस के साथ पूरी तरह स्वतंत्र हो जाएगी. हालांकि वालमार्ट के पार्टनरशिप वाली फ्लिपकार्ट एक शेयरहोल्डर के रूप में बनी रहेगी. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि फोनेपे की स्थापना फ्लिपकार्ट के तीन पूर्व कर्मचारियों ने साल 2015 में की थी. कस्टमर को ऑनलाइन सर्विसेज देने के मकसद से इस एप्प को डिजाईन किया गया था. मोदी सरकार ने एक साल से कम समय के भीतर भारत को भ्रष्टाचार मुक्त और डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के इस एप्प का भरपूर्ण उपयोग किया.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here