New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman with Revenue Secretary Ajay Bhushan and Minister of State for Finance and Corporate Affairs Anurag Singh Thakur, during the 35th Goods and Service Tax (GST) council meeting, in New Delhi, Friday, June 21, 2019. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI6_21_2019_000282A)

Corporate Tax में कटौती – गोवा में जीएसटी कॉउन्सिल की बैठक हुई। जीएसटी कॉउन्सिल बैठक से पहले निर्मला सीतारमण एक प्रेस कांफ्रेंस दी थी। इस बैठक में Corporate Tax में कटौती की घोषणा की गयी। यह कटौती 10-12 फीसदी कम रही है। और वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में भारी उछाल देखने को मिला। जीएसटी कॉउन्सिल की मीटिंग करने से पहले वित्त मंत्री ने गोवा, पणजी में भी एक प्रेस वार्ता करी।

इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मंदी से निपटने के लिए उन्होंने कंपनियों के लिए Corporate Tax को घटाने की बात गई। वित्त मंत्री ने एक अध्यादेश लाकर घरेलु कंपनियों, नयी स्थानीय विनिर्माण कंपनियों के लिए यह कर काम करने का प्रस्ताव दिया है। और Corporate Tax के इस प्रस्ताव से टैक्स से मिली राहत के बाद सेंसेक्स में भारी उछाल आया। सेंसेक्स करीब 1600 अंकों तक पहुँच गया है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि शेयर बायबैक पर 20% का टैक्स लागू नहीं होगा। 

Corporate Tax के इस प्रस्ताव से टैक्स से मिली राहत के बाद सेंसेक्स में भारी उछाल आया।

प्रेस वार्ता में वित्त मंत्री ने कहा कि यदि कोई घरेलू कंपनी किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं ले तो उसके पास 22 परसेंट की रेट से आयकर भुगतान करने का विकल्प है। जो कंपनियां 22 परसेंट की रेट से आयकर भुगतान करने का विकल्प चुन रही हैं, उन्हें न्यूनतम अल्टरनेटिव टैक्स का भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। सरप्लस और सेस समेत प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी।

उन्होंने यह भी कहा की 1 अक्टूबर के बाद से बनी नयी घरेलू नयी मैन्युफैक्टरिंग कंपनियों बिना किसी प्रोत्साहन के 15 परसेंट की रेट से इनकम टैक्स भुगतान कर सकती हैं। नयी मैन्युफैक्टरिंग कंपनियों के लिये सभी सरप्लस और सेस समेत प्रभावी दर 17.01 परसेंट होगी। अभी छूट का लाभ उठा रही कंपनियां इनकी अवधि समाप्त होने के बाद कम रेट पर कर भरने का विकल्प चुन सकती हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार के Corporate Tax इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश एवं वृद्धि को मजबूती देने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है।

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