Gandhi or Godse- देश की संसद में कभी न कभी कोई ऐसा टॉपिक छेड़ा जाता है जो कि हफ़्तों भर के लिए डिसकस किया जाता है। पिछले हफ्ते, संसद में देश के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे के बारे में बात होने लगी है। इस मामले में सबसे बड़ा नाम आ रहा है भारतीय जनता पार्टी की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का। असल में, उन्होंने लोकसभा में यह कह दिया था कि नाथूराम गोडसे ‘देशभक्त’ हैं। इतने में ही हंगामा हो गया।

हंगामे के बाद, भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा के ऊपर कार्यवाही के बाद उन्हें हटा दिया गया। लेकिन, देश के राष्ट्रपिता के हत्यारे को देशभक्त कहना सही है या गलत।

देश में एक बार इस बात की चर्चा होने लगी। इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी नाराज़ दिखाई दी। एक बार, फिर राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने भाजपा की तरफ हमला बोल दिया। इन दोनों भाई-बहन की जोड़ी ने साध्वी प्रज्ञा की तरफ तीर छोड़ दिया। उन्होंने ट्विटर पर भाजपा को घेर लिया।

राहुल गाँधी ने भाजपा सांसद को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा – मैं उनके बारे में क्या कह सकता हूँ। उन्होंने जो कहा है वह भाजपा-आरएसएस की सोच है। इस सोच को दुनिया में आना ही था। उनके लिए कुछ बोलकर मैं अपना वक़्त बर्बाद नहीं करूँगा।

‘साध्वी प्रज्ञा’ का कोई भी बयान देना,आखिर क्यों बन जाता है भाजपा के लिए मुसीबत

वहीं, कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने भी साफ़ यह कह दिया है कि साध्वी प्रज्ञा के लिए वह कुछ नहीं कहना चाहती, उनके लिए पार्टी पहले ही बहुत कुछ कह चुकी है।

Gandhi or Godse- प्रियंका गांधी वाड्रा के उस ट्वीट ने बहुत कुछ कह दिया था। यह मामला इतना बढ़ा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को माफ़ी माँगनी पड़ गई थी। उन्होंने फिर यह बयान दिया कि मैंने कभी नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा।

कांग्रेस इतने हंगामें में भी नहीं मानी। अब कांग्रेस, साध्वी प्रज्ञा के बयान के बाद से देशभर में विरोध प्रदर्शन करने वाली है। यही नहीं, अब तो कांग्रेस के विधायक भी साध्वी प्रज्ञा को जान से मार देने की धमकी भी दे रहे हैं। देश में साध्वी प्रज्ञा के पुतले को जलाया जा रहा है।

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