पिछले सोमवार यानी 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में चुनाव हुए। चुनाव होने के ठीक बाद एग्जिट पोल की भी घोषणा हो चुकी है। इस बारी भाजपा और शिवसेना का डंका बजते नज़र आ रहा है। इन दोनों पार्टियों का गठबंधन का जोड़ अब सबके सामने दिखने वाला है। एक बार फिर दोनों पार्टियां इस राज्य में अपना गढ़ स्थापित करने वाली हैं। पूर्ण बहुमत के साथ इन दोनों पार्टियों का यह दल सांतवे आसमान पर पहुँचता नज़र आने वाला है।

महाराष्ट्र में एक ही चरण में 288 सीटों की वोटिंग हुई। वोटिंग का समय था सोमवार 21 अक्टूबर की सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक था। उम्मीदवारों की बात करें तो कुल मिलाकर, 3,237 उम्मीदवार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से 235 महिलाएं हैं और 1400 निर्दलीय हैं। इसके अलावा, 29 सीटें एससी के लिए और 25 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं।

अगर सबसे ज़्यादा बहुमत की बात करें तो यह बात सामने आ रही है कि बीजेपी और शिवसेना का नाम सामने आ रहा है। अगर एग्जिट पोल्स के अनुसार, बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार के नाम 194-203 सीटें आ सकती हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को 79-84 सीटें हासिल हो सकती हैं। बाकी पार्टियों को 6-10 सीटें मिलने की सम्भावना है।

https://twitter.com/BJP4India/status/1178945598608703489 बीजेपी ने साझा की थी उम्मीदवारों की लिस्ट

महाराष्ट्र में अपने राज मनाने वाली शिवसेना पार्टी, इस बार देश की केंद्र सरकार चला रही बीजेपी पार्टी के साथ में है। इस बारी भाजपा अपने सभी महत्वपूर्ण सहयोगियों के साथ 164 सीटों और 126 सीटों शिवसेना के, 147 सीटों कांग्रेस के और 121 सीटों एनसीपी; चुनावी मैदान में उतरे। अन्य पार्टियों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनसी), बीएसपी, सीपीआई, सीपीएम और वीबीए हैं। MNS ने 101 उम्मीदवार, BSP ने 262 निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार, CPI ने 16 और CPM ने 8, 1400 निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम नज़र आए थे।

इस साल लोकसभा के चुनाव हुए थे, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर परचम लहराया और गद्दी संभाली देश में दूसरी बार प्रधानमंत्री बन रहे नरेंद्र मोदी ने। उस समय महाराष्ट्र की लोकसभा सीटों पर भाजपा और शिवसेना के गठबंधन दल ने 48 में से 41 सीटें हासिल की थी। वहीं, कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट और एनसीपी के पास 4 सीटें ही हाथ लगीं थीं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म होने वाला है। ऐसे में एक बार फिर राज्य में अपनी सरकार को बनाने के लिए भाजपा-शिवसेना जी तोड़ मेहनत कर रही है। यह तो सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में भाजपा का कमल पहले से ही खिल रहा है, बहरहाल; कांग्रेस को अपने हाथ का साथ पाने के लिए धरती-आसमान एक करना ही है। अपनी खोई हुई सीट को हासिल करने में कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए 6,661 मतदान केंद्र बनाए गए थे। जिनमें करीबन साढ़े छह लाख कर्मचारी तैनात किये गए। अगर हम प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो भाजपा पार्टी के समर्थक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का नाम ‘मैन लिस्ट’ में शामिल है। अब लोग इंतज़ार कर रहे हैं परिणाम की घोषणा का। जो कि 24 अक्टूबर को आने वाला है।

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