कुलभूषण

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का नाम तो सभी ने सुना होगा। पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव का केस अब अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में चल रहा है। बुधवार को अंतराष्ट्रीय कोर्ट की 16 जजों की बेंच वाली पीठ ने कुलभूषण जाधव के फांसी की सजा पर रोक लगा दी है और इसपर पुर्नविचार करने की बात कही है। आखिरकार यह फैसला भारत के हित में आया। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में 15-1 की वोटिंग के साथ जजों ने भारत के पक्ष को मान लिया और कहा की पाकिस्तान ने वियना संधि के कानून का उलंघन किया है। सूत्रों के मुताबिक़ कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस की सुविधा मिल सकती है।

सुत्रों की मानें तो भारत की ओर से कुलभूषण का केस लड़ रहे हरीश राल्वे, सिर्फ एक रुपए की ही फीस ले रहे हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान की ओर से केस लड़ रहे वकील की फीस 20 करोड़ से ज्यादा है।

8 मई 2017 को भारत ने इस केस के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस समय भारत ने अपनी प्राथमिकता कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा को स्थगन कराना रखा था। इस विषय पर भारत को सफलता हाथ लगी और 18 मई 2017 को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा को स्थगन कर दिया। तब अंतराष्ट्रीय कोर्ट ने ये भी कहा की जब तक आईसीजे इस मामले पर अपना फैंसला न सुनाये तब तक पाकिस्तान सैन्य की सजा को स्थगित ही रखा जाएगा। असल में पाकिस्तान कोर्ट ने इस मामले पर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी।

कुलभूषण जाधव का केस लड़ रहे भारतीय वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे लंदन में मीडिया से रूबरू हुए, उन्होंने कहा की अगर पाकिस्तान अभी भी अपनी सैन्य कोर्ट को मानता है तो पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव को क़ानूनी सलाहकार प्रदान करना होगा।
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान की सैन्य कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान न्यूनतम कानूनी शर्तों का भी पालन नहीं किया था।
हरीश साल्वे ने कहा की पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के आदेश को मानना पड़ेगा। यदि पाकिस्तान ने इस मामले में आईसीजे की बात नहीं मानी तो वो ये इस मामले को यूएन में भी लेकर जा सकते हैं।
भारत द्वारा आईसीजे के पास भेजी गयी दलील में कुलभूषण जाधव की रिहाई और भारत वापस लौटाने की मांग रखी थी लेकिन आईसीजे कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया।

असल में ये था पूरा मामला

पाकिस्तान इस बात का दावा कर रहा था कि साल 2016 में कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान प्रांत से जासुसी करने के शक में गिरफ्तार किया था। लेकिन भारत का कहना है कि कुलभूषण अपने काम के सिलसिले में ईरान गए हुए थे और वहीं से उन्हें गिरफ्तार करके पाकिस्तान लाया गया था

भारत की संसद में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मसले को लेकर आईसीजे के फैसले पर बयान दिया। उनका कहना था कि पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव को जल्द रिहा करना चाहिए।

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