Public Safety Act

इन दिनों जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला बंदी बने हुए हैं। उन्हें सार्वजानिक सुरक्षा अधिनियम (Public Safety Act) के तहत बंदी बना लिया गया है। वह पहले सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री हैं जिन्हें पीसीए के तहत बंदी बनाया गया है। इसके लिए उन्हें अस्थायी जेल का दर्जा दिया गया है। पिछले महीने की पांच तारीख को, यानी 5 अगस्त से जम्मू-कश्मीर को मिली विशेष दर्जे वाली आर्टिकल-370 को हटाया था। इसका फैसला केंद्र सरकार ने किया। इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर अब दो केंद्रशासित प्रदेश में बंट चूका है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की कमान संभालने वाली मेहबूबा मुफ़्ती के साथ कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया।

Public Safety Act – सरकार Public Safety Act/सार्वजानिक सुरक्षा अधिनियम के तहत यह नियम है की सुरक्षा कारणों को देखते हुए किसी भी व्यक्ति को दो साल तक नज़रबंद किया जा सकता है। पहली बार यह कानून साल 1978 में जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला में लागू किया गया था। कहा जाता है कि उस समय यह निर्णय लेना जरुरी इसीलिए था ताकि लकड़ी की तस्करी पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ इलाके में रह रहे नागरिकों के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था को सही से रखा जा सके।

Public Safety Act कानून के तहत सरकार के पास यह अधिकार होता है कि वह ऐसे किसी भी व्यक्ति को हिरासत में ले सकती है जिससे सुरक्षा व्यवस्था के लिए परेशानी बन सके। इस कानून के तहत 16 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति पर मुक़दमे के बिना ही हिरासत में किया जा सकता है।

सके बाद उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने Public Safety Act के तहत फारुख अब्दुल्ला को हिरासत में रखे जाने को लेकर एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने - 'नाज़ी, नाज़ी, नाज़ी' लिखा।

जब से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को हिरासत में लिया गया है तबसे सरकार के खिलाफ विपक्ष ने धावा बोल दिया है। आईएनएक्स मीडिया केस में आरोपी माने जा रहे है पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम न्यायिक हिरासत में रह रहे हैं। इसके बाद उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने Public Safety Act के तहत फारुख अब्दुल्ला को हिरासत में रखे जाने को लेकर एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने – ‘नाज़ी, नाज़ी, नाज़ी’ लिखा। इस ट्वीट के जरिये उन्होंने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया और आलोचना भी कर दी। इससे पहले उन्होंने ईडी द्वारा हिरासत में लिए गए कर्णाटक कांग्रेस के नेता डी शिवकुमार के लिए भी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई। इस मुद्दे पर भी उन्होंने ट्वीट करके लिखा – ‘गोस्टपो’

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