पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान काफी परेशान है। इस मुद्दे पर पकिस्तान की नज़र अब पाक अधिकृत कश्मीर वाले हिस्से पर है। पकिस्तान को दर है की कहीं इस हिस्से पर भारत अपना हक़ न जमा ले।

पाकिस्तान को अब अंतरराष्ट्रीय संघ ने भी करारा जवाब दे दिया है। और भारत द्वारा उठाये गए इस कदम को सही माना है। फिलहाल कोई भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान की मदद करने को तैयार नहीं है।

इसी बीच एक खबर भी चर्चा में रही। वो खबर थी ट्रम्प का यह बात कहना की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा है कि ट्रंप भारत-पाकिस्तान के इस मुद्दे का हल करवाएँ। इस खबर ने दोनों देशों ही नहीं पूरी दुनिया में सुर्खियां कमा ली थी।

ट्रंप ने जब से यह बात बोली थी, तबसे भारत और अमेरिका के बीच में कुछ हलचल सी मच गयी थी। लेकिन जब अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबसे मिले हैं। तब से इनकी यह मुलाक़ात चर्चा में है।

इस मुलाक़ात में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि भारत-पाकिस्तान के इस मुद्दे को दोनों देश आपस में ही सुलझा लेंगे। किसी तीसरे पक्ष के देश को इसकी मध्यस्थता जरुरत नहीं है। पीएम मोदी की इस बात पर प्रेजिडेंट ट्रंप भी सहमत दिखाई दिए।

हाल ही में दोनों देशों के महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों के बिच हुई यह मुलाक़ात फ्रांस के बिआरित्ज़ शहर में हुई।इस मुलाक़ात में मीडिया के सवालों का जवाब देते नज़र आए दोनों देशों के नेता काफी सहज लग रहे थे। इस मुलाक़ात में एक ट्विस्ट ऐसा आया जिससे हर कोई हैरान।

हुआ यूँ कि पीएम मोदी ने मीडिया के सवाल का जावब देते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच काफी मसले हैं। इस सभी मसलों का हल द्विपक्षीय ही होगा। इसमें किसी भी अन्य देश को कष्ट नहीं देना चाहिए। इस बात पर अमरीका राष्टपति ने चुटकी लेते हुआ कहा कि पीएम मोदी बहुत अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं, यह सिर्फ बात नहीं करना चाहते।

इसके बाद पीएम मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति से हाथ मिलाया। और जिस तरह उन्होंने हाथ मिलाया यह देखने लायक था।

पर इस मुलाक़ात के बाद से पाकिस्तान पीएम इमरान खान काफी परेशान से दिखाई दे रहे हैं।

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