Swachh Bharat – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चेन्नई में हैं। इस समय चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिन के लिए भारत भ्रमण पर हैं। शुक्रवार दोपहर को चीन के राष्ट्रपति चेन्नई पहुंचे थे। यहाँ उनकी मुलाक़ात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई।

शनिवार सुबह को देश के प्रधानमंत्री की एक वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चेन्नई के महाबलीपुरम के समुद्री तट पर सवेरे की यात्रा के दौरान तट पर सफाई करते दिखाई दिए। इस वीडियो में प्रधानमंत्री कूड़ा-कचरा उठाते दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट भी किया।

Swachh Bharat का सपना, अब न रहेगा अधूरा

यह तो कहने की बात नहीं है की प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे ‘सफाई अभियान’ अब देश में ही नहीं दुनिया में भी जाना जा रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के भारत देश को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के स्वप्न को अब प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि सारा देश देखता है। और यह स्वप्न अच्छा ही है। अपने देश को साफ़ रखना कौन नहीं चाहता।

इस वीडियो से पहले देश के प्रधानमंत्री की कई फोटोज़ और वीडोयोज़ सामने आयीं जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सफाई करते दिखाई पड़ जाते हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री ने देश के राष्ट्रपिता के इस सपने को सच कर दिखाने का एक कदम उठाया था। देश की राजधानी दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर करीब 30 लाख लोगों के सामने स्वच्छ भारत बनाने का सपना सबके सामने रखा।

शहरों के साथ साथ अब गाँव में भी बनाये जा रहे हैं – शौचालय

https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/9-16-cr-toilets-built-5-5-lakh-villages-declared-odf-since-2014-govt/articleshow/67886006.cms?from=mdr

Swachh Bharat बनाने के लिए खुले में शौच करने के लिए भी आंदोलन चलाया गया। इकनोमिक टाइम्स की एक न्यूज़ के अनुसार, देश में लगभग 98 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में सैनिटेशन का काम पूरा हो चूका है। मिनिस्टरी ऑफ स्टेट फॉर ड्रिंकिंग वाटर एंड सैनिटेशन के एक अधिकारी के अनुसार, देश के 27 राज्यों के साढ़े पांच लाख गाँव को ‘ओपन डेफकेशन फ्री’ कर दिया गया है। घर में शौचालय न होने की वजह से कई लड़कियों ने अपना ससुराल छोड़ दिया था – यह भी खबर आप लोगों ने कई बार अखबारों में पढ़ी ही होगी। अतः अब लोगों को भी स्वच्छ रहने का मतलब साफ़ समझ आने लगा है। यहीं नहीं, अब गाँव में लोग खुद अपने घरों में टॉयलेट बनवा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने देश में एक करोड़ शौचालय बनाने की घोषणा कर दी थी। और केंद्र सरकार यह दावा कर रही है कि 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चूका है। पर अब सवाल यह उठता है कि क्या लोग इसका इस्तेमाल सही तरीके से कर रहे हैं या नहीं। और इसका सवाल तो लोग खुद जानते हैं।

डंपिंग ग्राउंड भी है एक अहम मुद्दा

‘Gaadi wala aaya ghar se kachra nikaal…’- ग्रामीण और शहरी इलाकों से घर-घर कूड़ा इखट्टा किया तो जाता है लेकिन आज भी कई जगह इस बात की चर्चा होती है कि इसे डंप कहाँ किया जाए। आज भी देश में डंपिंग और प्रोसेसिंग ऑपरेशन बहुत कम जगह ही संभव हो पा रहा है। कई शहरों में डंपिंग के लिए जगह फ़ाइनल करने के लिए फाइलें सजी हुई हैं। लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं। अब ऐसे में कूड़ा इखट्टा होकर जाए तो जाए कहाँ।

इस साल 2 अक्टूबर को Single Use Plastic मुक्त बनाने का अभियान छिड़ा

https://www.downtoearth.org.in/news/pollution/no-ban-on-single-use-plastics-to-be-phased-out-by-2022-67064

हाल ही में केंद्र सरकार ने एक योजना बनाई। योजना थी देश में Single Use Plastic को बैन करना। केंद्र सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक में छोटी प्लास्टिक की बोतलें, थर्माकोल, सिगरेट के बट्स के साथ साथ 12 अन्य चीज़ों के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से मनाही कर दी है। भारत की टॉप एंटी पॉल्यूएशन बॉडी ने Single Use Plastic के इस्तेमाल को ख़तम करने का लक्ष्य बना रखा है। कहा जा रहा है कि साल 2022 तक देश को इस गंभीर बिमारी से मुक्त किया जाए। यह तो हम भी वीडियो में देख लेते हैं कि किस तरह से प्लास्टिक इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि जानवरों के लिए भी नुक्सानदायक है। करोड़ों सालों में डिस्पोज़ होने वाली प्लास्टिक वातावरण को दूषित करने वाली गंभीर बिमारी बन चुकी है। कई बार इन प्लास्टिक की चीज़ों को जानवर खाने की चीज़ समझ कर खा लेते हैं और इसके बाद उनकी मौत हो जाती है।

यह तो मानना पड़ेगा की देश को स्वच्छ बनाना सिर्फ एक ही व्यक्ति का काम नहीं बल्कि सभी का काम है। जिस तरह से हम अपने घरों में साफ़ सफाई रखते हैं ठीक उसी तरह अगर हम अपने देश को या फिर धरती को साफ़ रखें तो यह और भी सुन्दर हो जायेगी। इस काम से हमें न ही कोई परेशानी होगी और न ही कोई खर्च। सिर्फ काम यह है कि साफ़ सफाई। साफ़ पानी, साफ़ हवा, और साफ़ धरती – अगर यही सोच हम सब रख कर चलें तो कितना आसान होगा। धरती को स्वर्ग बनाना।

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