त्रिपुरा में राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. हर दिन कोई न कोई नया मामला देखने को सामने आ ही जाती है. एक ऐसा ही मामला एक बार फिर से सुर्खियो में छाया हुआ है. बताया जा रहा है कि त्रिपुरा के धर्मनगर के पश्चिम चंद्रपुर में पंचायत चुनाव के लिए प्रचार कर रहे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के वाहनों में आग लग गई है. तो चलिए जानते है आखिर मामला क्या है. क्यों ऐसा हुआ.

राजनीतिक हिंसा को लेकर बबाल

यह पूरा मामला त्रिपुरा के धर्मनगर का है. यहाँ पर पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी के कुछ कार्यकर्त्ता चुनाव सभा कर रहे थे. इसी बिच कुछ अज्ञात लोगो ने बीजेपी कार्यकर्त्ता के गाड़ी में आग लगा दी. हालांकि इस घटना के बाद बीजेपी ने इसका सीधा आरोप सीपीएम के मत्थे मढ दिया. खबरों की माने तो एक कार के साथ साथ करीब 20 मोटरसाइकिल में आग लगा दी है. वहीं इस घटना में बीजेपी के 3 कार्यकर्त्ता की घायल होने की खबर मिल रही है. हालांकि इसके पीछे का कारन अभी तक पता नहीं चला पाया है.

यह है पूरा मामला

आपकी जानकारी के लिए बता दे की यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई है. इससे पहले कई बार ऐसी घटना सामने आ चुकी हैं. जैसा की हम्सब्को पता है इस बार के लोकसभा चुनाव में सीपीएम का सूपड़ा साफ हो गया था. वहीं इस हार के बाद सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने जबाब में कहा कि इन 5 सालों में बीजेपी गरीबी, भूखमरी को कम नहीं कर पाई लेकिन हिंसा जैसे मामले को बढावा देना का काम खूब की है.

सीपीएम नेता ने बीजेपी पर किया पलटवार

इतना ही नही सीताराम येचुरी ने बीजेपी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा की बीजेपी की कूट निति की वजह से आज बदमासों में कानून का दर खत्म हो गया है. भले ही मोदी सरकार अपने दाबो में सबका साथ सबका विकाश के नारे देते है, लेकिन असल में कुछ और ही दीखता है. बीजेपी ने रोजी-रोटी, गरीबी से अलग एक अन्य मुद्दा खड़ा कर दिया जो सांप्रदायिक राष्ट्रवाद पर आधारित था.

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