सर्दियां आयें और अपने साथ बीमारियां न लाये ऐसा बहुत मुश्किल है | सर्दियां अपने शुरआती दिनों में ही अपना रूप दिखाना शुरू कर देती है और जाते जाते भी कई बीमारियां छोड़ जाती है | सर्दियों में लोगो की दिनचर्या में भी काफी बदलाव आ जाता है दिन छोटे और कड़कड़ाती ठंड के कारण लोग शाररिक और मानसिक रूप से कमज़ोर होने लगते है | ऐसे में दिल के मरीज़ो के लिए यह और भी घातक हो जाता है क्यूंकि इन दिनों स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है |

 

क्यों बढ़ता है खतरा ?

अधिक लोग इस दुविधा में रहते है की सर्दियों में स्ट्रोक खतरा क्यों बढ़ जाता है इसके कुछ विशेष कारण है | सर्दियों में हवा काफी प्रदूषित हो जाती है प्रदूषित हवा छाती और दिल दोनों की हालत खराब कर देती है साथ ही लोगो के लाइफस्टाइल में व्यायाम में कमी आ जाती है और हाई ब्लड प्रेशर भी होने लगता है | इन दिनों इन्फेक्शन भी अधिक मात्रा में लोगो को अपनी चपेट में ले लेता है | इस मौसम में खून गाढ़ा हो जाता है | जिससे खून का रिसाव ठीक से नहीं होता और स्ट्रोक आने का कारण बन जाता है |

 

स्ट्रोक होता किसको है ?

कई लोगो को लगता है की उन्हें उनकी कम उम्र में स्ट्रोक नहीं आ सकता पर हम आपको बतादें की एक रिपोर्ट के बाद यह खुलासा हुआ है 12 % लोग 40 से कम उम्र के होते है | स्ट्रोक एक ऐसी बिमारी है जो किसी भी वर्ग स्त्री हों या पुरुष दोनों को हो सकती है |स्ट्रोक का सबसे ज्यादा शिकार वे लोग होते है जिन्हे शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारियों से पीड़ित है | साथ ही वें महिलाये जो गर्भ निरोधक दवाइयों का सेवन करती है उनको भी स्ट्रोक का काफी खतरा रहता है |

 

स्ट्रोक आने पर ले ये फैसला ? बच जायेगी जान

 

 

स्ट्रोक आने के शुरूआती लक्षण पर मरीज़ की जान बचाई जा सकती है | किसी भी इंसान को जिसे बोलने में या शरीर का एक हिस्सा काम करना कम करदे, सुनने में परेशानी आने लग जाये | तब बिलकुल सतर्क रहने की आवश्यकता है | मरीज़ को तुरंत पास के किसी हस्पताल में लेकर जाना चाहिए जहाँ 24 गुना सिटी स्कैन और एम आर आई  की सुविधा उपलब्ध हो |

इस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है खूब मात्रा में पानी पियें जिससे आपका खून गाढ़ा ना हो | और धूम्रपान और शराब को अपने से दूर रखे |

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