हर देश में पर्यटक स्थानों की कमी नहीं है और इन स्थानों पर लोगो का घूमना फिरना 12 महीने चला ही रहता है | और छुट्टियों के दिनों में ये कतार और बढ़ जाती है | 31 अक्टूबर को  भारत के गुजरात में भी एकता के प्रतीक से जुड़ी विश्व की सबसे लम्बी 182 मीटर की प्रतिमा का प्रधानमंत्री द्वारा अनावरण किया गया था | इस प्रतिमा में भारत के पहले ग्रहमंत्री सरदार वल्ल्ब भाई पटेल को दर्शाया गया है | इस भव्य मूर्ति को 34 महीने तैयार कर के देश के नाम कर दिया गया है |

 

अब तक आये इतने लोग ? टूटे रिकॉर्ड

सरदार वल्ल्ब भाई पटेल जी के जन्मदिवस के अगले दिन इसे पर्यटकों के लिए तैयार कर दिया था | प्रतिमा को देखने के लिए 1 नवंबर से लोगो का आना जाना शुरू हो गया था | दिनों दिन बहुत अधिक संख्या में इस मूर्ति को पास से देखने के लिए दूर दूर से आ रहे है | पिछले शनिवार को इस मूर्ति के दर्शन के लिए 27 हज़ार लोग आये | जिसकी पुष्टि नर्मदा जिले के कलेक्टर आर एस निनामा ने की | शनिवार को एक साथ इतने लोग आने का कारण दिवाली की छुट्टियां भी हो सकती है | ये अनुमान लगाया जा रहा है की आने वाले दिनों में यह संख्या और भी बढ़ सकती है जिसके लिए मूर्ति तक जाने के लिए फीडर बसों को बढ़ाकर 15 से 40 कर दी गयी है | अब तक एक साथ इतने लोग आने से पिछले सारे रिकॉर्ड टूट चुके है |

 

इस दिन नहीं देख पाओगे स्टेचू ऑफ़ यूनिटी ?

गुजरात सरकार  ने बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए लोगो से अपील की है की आधारभूत ढांचे और समय को ध्यान में रख कर ही अपने यहां आने का प्रोग्राम बनाये | सरकार ने लोगो को सूचित करते हुए एक ब्यान जारी किया है जिसमे बताया गया है स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की मेनटेनेंस  के लिए आये सोमवार यह स्थल बंद रहेगा |

 

इतने लोग कर सकते है दर्शन ?

इस विशाल तस्वीर को ऊपर से निचे तक देखने के लिए दर्शको के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गयी है | जो की केवल एक दिन में 5 हज़ार लोगो को ऊपर निचे  ला सकती है | इस प्रतिमा में एक साथ २०० सौ लोग ही प्रवेश कर सकते है | इस मूर्ति के साथ साथ विजिटर सेंटर, सोवनियर शॉप, प्रदर्शनी हाल भी जा सकते है | यह मूर्ति नर्मदा नदी से कुछ दुरी पर बनाई गयी है जिससे लोग इस नदी का आनंद भी ले सकते है | प्रतिमा को देखने के लिए 350 रुपये करने पड़ते है खर्च |

 

 

 

 

 

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